आदत | Aadat

आपके प्यार में हम संवरने लगे
देखके आपको हम निखारने लगे…

वो मिल गया, जिसकी हमें कबसे तलाश थी
बेचैन सी इन सांसों में, जन्मों की प्यास थी
जिस्म से रूह में, हम उतरने लगे…

इस कदर आपसे हमको मोहब्बत हुई
टूटके बाजुओं में बिखरने लगे
आपके प्यार में हम संवरने लगे…

– Raaz (2002)

A poem inspired by this song above written by me! 🙂
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